प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय पूर्वोत्तर भारत के दौरे पर मणिपुर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने इंफाल और चुराचंदपुर जैसे हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। चुराचंदपुर वही जगह है, जहाँ दो साल पहले उग्रवादी हिंसा में मैतेयी समुदाय पर हमला हुआ था।
पीएम मोदी ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा – “संवाद, सम्मान और परस्पर समझदारी को प्राथमिकता देकर ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है। मैं सभी संगठनों से अपील करता हूँ कि वे शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें।”
प्रधानमंत्री मोदी के प्रमुख संदेश:
1. मणिपुर साहस और शौर्य की धरती है। यहाँ की पहाड़ियाँ प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। ‘मणि’ शब्द मणिपुर की चमक को दर्शाता है और आने वाले समय में यह पूरा ईशान्य भारत रोशन करेगा।
2. पहले दिल्ली से लिए गए निर्णय मणिपुर तक पहुँचने में दशकों लगते थे। लेकिन आज मणिपुर देश के अन्य हिस्सों के साथ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।
3. सरकार ने मणिपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया है।
इस दौरे से प्रधानमंत्री ने साफ संकेत दिया है कि मणिपुर में शांति और विकास दोनों केंद्र की प्राथमिकता हैं।