केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा है कि भारत ने संक्रामक रोगों के खिलाफ लड़ाई में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनके अनुसार, देश में मलेरिया से होने वाली मौतों में 78 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जबकि इसके संक्रमण के मामलों में लगभग 80 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
नई दिल्ली में आयोजित सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) का प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक 2,000 की आबादी पर एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किया जाए ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि तपेदिक (टीबी) के मामलों में भी करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है, जो वैश्विक औसत से बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर अनुपात घटकर प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 88 रह गया है, जो वर्ष 2014 में 130 था। इसके साथ ही शिशु मृत्यु दर में भी कमी दर्ज की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य खर्च में बड़ी राहत मिली है। अब स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च 69 प्रतिशत से घटकर 39 प्रतिशत रह गया है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और बचत का लाभ मिला है।