अमेरिका को भारत-चीन जैसे मित्र देशों से सम्मानपूर्वक बात करनी चाहिए: पुतिन

बीजिंग (चीन) – रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि वह भारत और चीन जैसे बड़े देशों पर दबाव डालने का प्रयास बंद करे। चीन यात्रा के बाद मीडिया से बातचीत में पुतिन ने कहा कि जिन देशों ने नया उपनिवेशवाद शुरू किया है, वे भारत और चीन जैसे राष्ट्रों से इस तरह की भाषा में बात नहीं कर सकते।

पुतिन ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने भारत और चीन जैसे देशों को शुल्क और प्रतिबंधों के माध्यम से कमजोर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन हमारे सहयोगी हैं और अमेरिका को हमारे मित्र देशों से सम्मानपूर्वक बातचीत करनी चाहिए।

पुतिन के मुख्य बयान:

1. भारत और चीन की वैश्विक शक्ति

भारत की जनसंख्या करीब डेढ़ अरब है और चीन दुनिया की एक प्रमुख आर्थिक शक्ति है।

इन देशों की अपनी राजनीतिक व्यवस्था और कानून हैं। यदि किसी देश को यह कहा जाए कि “हम तुम्हें दंड देंगे”, तो उनके नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर भी विचार करना होगा।

2. अमेरिका को बदलनी होगी सोच

पुतिन ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका को अपनी उपनिवेशवादी मानसिकता छोड़नी होगी।

उन्होंने कहा कि दुनिया बदल चुकी है और अमेरिका को इस नए अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को समझना होगा।

पुतिन के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। यह अमेरिका की विदेश नीति, भारत-चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरा असर डाल सकता है।

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